मैट्रिक बोर्ड परीक्षा-2027: बेहतर रिजल्ट के लिए जिला प्रशासन की बड़ी तैयारी, मेधावी छात्रों को मिलेगा विशेष प्रशिक्षण

चाईबासा: पश्चिमी सिंहभूम जिला प्रशासन ने मैट्रिक बोर्ड परीक्षा-2027 में जिले के विद्यार्थियों का प्रदर्शन बेहतर बनाने के लिए विशेष कार्ययोजना तैयार करने की दिशा में कदम बढ़ा दिए हैं। उपायुक्त मनीष कुमार की अध्यक्षता में आयोजित वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग समीक्षा बैठक में बोर्ड परीक्षा की तैयारियों को लेकर विस्तृत चर्चा की गई और शिक्षा व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने के निर्देश दिए गए।

बैठक में उप विकास आयुक्त, जिला शिक्षा पदाधिकारी प्रिंस कुमार, जिला शिक्षक संघ के अध्यक्ष, ऑनलाइन शैक्षणिक सहयोगी संस्था फिलो के प्रतिनिधि तथा अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
उपायुक्त मनीष कुमार ने कहा कि इस वर्ष मैट्रिक बोर्ड परीक्षा के परिणामों में गुणात्मक सुधार जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने सभी विद्यालयों को लक्ष्य आधारित एवं सुनियोजित तैयारी सुनिश्चित करने का निर्देश देते हुए कहा कि प्रत्येक विद्यार्थी को बेहतर शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराया जाए, ताकि अधिक से अधिक छात्र-छात्राएं उत्कृष्ट प्रदर्शन कर सकें।
उन्होंने बताया कि जिले के लगभग 170 विद्यालयों से मेधावी एवं प्रतिभाशाली छात्र-छात्राओं का चयन किया जाएगा। चयनित विद्यार्थियों को अतिरिक्त कक्षाएं, विषय विशेषज्ञों का मार्गदर्शन, नियमित शैक्षणिक मूल्यांकन तथा विशेष अकादमिक सहयोग उपलब्ध कराया जाएगा, जिससे वे बोर्ड परीक्षा में बेहतर अंक हासिल कर सकें।
इसके लिए अनुमंडल स्तर पर जांच परीक्षा आयोजित की जाएगी। इस परीक्षा के आधार पर प्रतिभाशाली विद्यार्थियों की पहचान कर उन्हें विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा। प्रशासन का मानना है कि इससे विद्यार्थियों के बीच स्वस्थ प्रतिस्पर्धा की भावना विकसित होगी और उनकी तैयारी का स्तर भी बेहतर होगा।
बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि केवल मेधावी विद्यार्थियों पर ही नहीं, बल्कि सभी बोर्ड परीक्षार्थियों पर समान रूप से ध्यान दिया जाएगा। नियमित कक्षाओं के साथ अतिरिक्त कक्षाओं का संचालन कर विद्यार्थियों की विषयगत कमजोरियों को दूर किया जाएगा और उनकी परीक्षा तैयारी को मजबूत बनाया जाएगा।
उपायुक्त ने सभी विद्यालयों में समयबद्ध जांच परीक्षाएं आयोजित करने के निर्देश देते हुए कहा कि लगातार अभ्यास परीक्षा से विद्यार्थियों का आत्मविश्वास बढ़ेगा, परीक्षा का भय कम होगा तथा वे वास्तविक बोर्ड परीक्षा के वातावरण से पहले ही परिचित हो सकेंगे। जांच परीक्षा के परिणामों का विश्लेषण कर कमजोर विद्यार्थियों के लिए विशेष शैक्षणिक रणनीति भी तैयार की जाएगी।
बैठक के दौरान ऑनलाइन शैक्षणिक सहयोगी संस्था फिलो के प्रतिनिधियों ने डिजिटल माध्यम से गुणवत्तापूर्ण शिक्षण, विषय विशेषज्ञों के ऑनलाइन मार्गदर्शन और तकनीक आधारित अध्ययन प्रणाली की रूपरेखा प्रस्तुत की। उपायुक्त ने संबंधित अधिकारियों को विद्यालयों के साथ बेहतर समन्वय स्थापित कर इस सुविधा का अधिकतम लाभ विद्यार्थियों तक पहुंचाने के निर्देश दिए।
जिला प्रशासन का उद्देश्य मैट्रिक बोर्ड परीक्षा-2027 में पश्चिमी सिंहभूम के विद्यार्थियों के परिणामों में उल्लेखनीय सुधार लाना और उन्हें गुणवत्तापूर्ण शिक्षा एवं बेहतर शैक्षणिक सहयोग उपलब्ध कराना है।




