जमशेदपुर में हथियार के बल पर रंगदारी वसूलने के आरोप में पांच गिरफ्तार, लोडेड देशी कट्टा और पांच गोलियां बरामद

जमशेदपुर: शहर में अवैध हथियार के बल पर लोगों को डराने-धमकाने और कथित तौर पर रंगदारी वसूलने के मामले में जमशेदपुर पुलिस ने कार्रवाई करते हुए पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। कदमा थाना क्षेत्र में की गई छापेमारी के दौरान पुलिस ने एक लोडेड देशी कट्टा और पांच जिंदा गोलियां बरामद की हैं। पुलिस के अनुसार, आरोपी कथित तौर पर संगठित गिरोह बनाकर कदमा और आसपास के इलाकों में आपराधिक गतिविधियों को अंजाम देने की योजना बना रहे थे।
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, 12 अक्टूबर की रात गुप्त सूचना मिली थी कि शास्त्री नगर निवासी रविनाथ मछुवा अवैध देशी कट्टा लेकर अपने साथियों के साथ किसी आपराधिक घटना को अंजाम देने की फिराक में है। सूचना के आधार पर वरीय पुलिस अधिकारियों के निर्देश पर पुलिस उपाधीक्षक मुख्यालय-दो के नेतृत्व में विशेष छापेमारी दल का गठन किया गया।
इसके बाद पुलिस टीम ने कदमा थाना क्षेत्र के फार्म एरिया रोड नंबर 18 स्थित बीएसएनएल रेसिडेंसी मैदान के पास छापेमारी की। वहां पांच संदिग्ध एक साथ बैठे मिले। पुलिस को देखते ही सभी ने भागने का प्रयास किया, लेकिन सशस्त्र बल की मदद से उन्हें पकड़ लिया गया।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान शास्त्री नगर निवासी रविनाथ मछुवा, विनय हरिपाल उर्फ बावला, सोनारी क्रिश्चियन बस्ती निवासी संतोष बान सिंह, निहाल बालमुचू और सोनारी डिस्पेंसरी रोड निवासी अमित कुमार साहू के रूप में हुई है।
तलाशी के दौरान रविनाथ मछुवा के पास से एक देशी कट्टा बरामद किया गया, जिसके चेंबर में एक जिंदा गोली थी। वहीं, अन्य चार आरोपियों के पास से एक-एक जिंदा गोली बरामद हुई। इस तरह पुलिस ने कुल एक देशी कट्टा और पांच जिंदा गोलियां जब्त की हैं।
पुलिस के मुताबिक, आरोपियों पर हथियार और गोलियों का भय दिखाकर लोगों को धमकाने तथा कथित तौर पर रंगदारी वसूलने में शामिल होने का आरोप है। पुलिस ने यह भी बताया कि गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ पूर्व में आर्म्स एक्ट, मारपीट और रंगदारी से संबंधित मामले दर्ज होने की जानकारी मिली है।
फिलहाल पुलिस सभी आरोपियों से पूछताछ कर रही है। जांच के दौरान गिरोह की गतिविधियों, हथियार के स्रोत और अन्य आपराधिक मामलों में संभावित संलिप्तता का पता लगाया जा रहा है। पुलिस की इस कार्रवाई का उद्देश्य क्षेत्र में अवैध हथियारों के इस्तेमाल और कथित रंगदारी की घटनाओं पर अंकुश लगाना है। मामले में आगे की कार्रवाई जांच के निष्कर्षों के आधार पर की जाएगी।




