जमशेदपुर में ड्रग्स-सट्टेबाजी के खिलाफ कार्रवाई को लेकर सरयू राय ने उठाए सवाल, बोले- पुलिस चाहे तो रुक सकता है कारोबार
विधायक ने कहा- कार्रवाई शुरू होने पर नेटवर्क और सरगना तक पहुंचने की उम्मीद जगी थी, अचानक रुकने से संदेह स्वाभाविक; 2 अक्टूबर को जागरूकता सम्मेलन

जमशेदपुर: शहर में ड्रग्स और सट्टेबाजी के कथित बढ़ते कारोबार को लेकर जमशेदपुर पश्चिम के विधायक सरयू राय ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं। एक प्रेस कांफ्रेंस में उन्होंने कहा कि जब पुलिस ने ड्रग्स के खिलाफ कार्रवाई शुरू की थी तो उम्मीद जगी थी कि नेटवर्क की कड़ियां सामने आएंगी और पुलिस बड़े आरोपियों तथा सरगना तक पहुंच सकेगी, लेकिन कार्रवाई अचानक रुक गई, जिससे सवाल उठना स्वाभाविक है। सरयू राय ने कहा कि ड्रग्स और सट्टेबाजी अब केवल कानून-व्यवस्था का विषय नहीं है, बल्कि युवाओं, परिवारों और समाज से जुड़ा गंभीर मुद्दा है। उन्होंने दावा किया कि शहर में ड्रग्स का कारोबार फैल रहा है और इसकी पहुंच स्कूल-कॉलेजों तक होने की बातें सामने आ रही हैं। विधायक ने बताया कि उन्होंने पूर्व में ड्रग्स और सट्टेबाजी के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई की सराहना की थी और एसएसपी से भी बातचीत हुई थी। उनके अनुसार, एसएसपी ने कार्रवाई के दौरान कई लिंक मिलने और आगे महत्वपूर्ण जानकारी सामने आने की बात कही थी। सरयू राय ने कहा कि यदि कार्रवाई लगातार जारी रहती तो और लोगों की गिरफ्तारी हो सकती थी और संभव है कि नेटवर्क के बड़े आरोपी भी पुलिस की गिरफ्त में आते। उन्होंने कहा कि सरगनाओं को पकड़ना पुलिस का काम है, जबकि सामाजिक संगठन और नागरिक जागरूकता फैलाकर पुलिस को सहयोग कर सकते हैं। उन्होंने ऑनलाइन सट्टेबाजी को लेकर भी पुलिस से सक्रिय कार्रवाई की मांग करते हुए कहा कि डिजिटल भुगतान, ऑनलाइन आईडी और इंटरनेट आधारित नेटवर्क के माध्यम से चलने वाले ऐसे मामलों की साइबर जांच जरूरी है। विधायक ने ड्रग्स और अपराध के बीच संबंध का उल्लेख करते हुए कहा कि नशे की जरूरत पूरी करने के लिए कुछ लोग छिनतई, चोरी और अन्य अपराधों की ओर बढ़ सकते हैं तथा इसका असर पूरे परिवार पर पड़ता है। उन्होंने कहा कि प्रस्तावित अभियान पुलिस के खिलाफ नहीं, बल्कि पुलिस के सहयोग से समाज को जागरूक करने के उद्देश्य से चलाया जाएगा। सरयू राय ने बताया कि महात्मा गांधी और लाल बहादुर शास्त्री की जयंती के अवसर पर 2 अक्टूबर को साकची स्थित धालभूम क्लब में पूर्वाह्न 11 बजे ‘सट्टेबाजी एवं ड्रग्स के दुष्प्रभाव पर विचार क्रांति सम्मेलन’ आयोजित किया जाएगा, जिसके बाद सेवानिवृत्त भारतीय प्रशासनिक अधिकारी मनोज सिंह के नेतृत्व में जन-जागरूकता अभियान के स्वरूप पर विचार किया जाएगा और आगे अभियान को व्यापक स्तर पर शुरू करने की योजना है। उन्होंने कहा कि ड्रग्स युवाओं के स्वास्थ्य, शिक्षा और रोजगार की संभावनाओं को प्रभावित कर सकता है, जबकि सट्टेबाजी युवाओं को जल्दी पैसा कमाने के भ्रम, कर्ज और आर्थिक संकट की ओर ले जा सकती है। प्रेस कांफ्रेंस में सलमा नामक महिला ने अपने पति की हत्या का मामला भी उठाया और दावा किया कि उनके शौहर ड्रग्स के खिलाफ लोगों को जागरूक करते थे तथा उनकी हत्या कर दी गई। महिला के अनुसार, हत्या के आरोपी जेल में हैं, लेकिन कथित ड्रग्स नेटवर्क अब भी सक्रिय है और शिकायत के बावजूद उन्हें सुरक्षा नहीं मिली। उन्होंने शहर में ब्राउन शुगर का कारोबार जारी रहने का दावा करते हुए कहा कि पति की हत्या के बाद वह अपने बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंतित रहती हैं। महिला के इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि इस रिपोर्ट में नहीं हुई है।




