चाईबासा में 28 सितंबर को चुनाव आयोग के खिलाफ झामुमो करेगा पुतला दहन, मतदाता सूची और पारदर्शिता का उठाएगा मुद्दा
पोस्ट ऑफिस चौक पर शाम 4 बजे होगा कार्यक्रम, जिला प्रवक्ता बुधराम लागुरी ने पार्टी कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों से शामिल होने की अपील की

चाईबासा: झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) की ओर से चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली, मतदाता सूची पुनरीक्षण और चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता के मुद्दे को लेकर 28 सितंबर को चाईबासा में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का पुतला दहन किया जाएगा। कार्यक्रम शाम 4 बजे पोस्ट ऑफिस चौक पर आयोजित करने की घोषणा की गई है।
केंद्रीय समिति के निर्देश पर होगा कार्यक्रम
झामुमो केंद्रीय समिति के निर्देश और पश्चिमी सिंहभूम जिला अध्यक्ष सोनाराम देवगम के आदेश पर प्रस्तावित कार्यक्रम की जानकारी जिला प्रवक्ता बुधराम लागुरी ने प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से दी।
लागुरी ने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में चुनाव आयोग की निष्पक्षता और पारदर्शिता महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि आयोग की आंतरिक कार्यप्रणाली को लेकर सामने आई कुछ रिपोर्टों के बाद कई सवाल उठे हैं।
इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट का दिया हवाला
बुधराम लागुरी ने द इंडियन एक्सप्रेस की एक रिपोर्ट का हवाला देते हुए दावा किया कि चुनाव आयुक्त एस.एस. संधू और विवेक जोशी ने पिछले दस महीनों में आयोग के कुछ निर्णयों और प्रक्रियाओं पर कम से कम 14 बार औपचारिक आपत्तियां दर्ज कीं। उनके अनुसार, इन मामलों में नए मतदाताओं के पंजीकरण, मतदाता सूची से नाम हटाने और बहाल करने तथा मतदाता डेटा तक पहुंच जैसे विषय शामिल बताए गए हैं।
झामुमो की ओर से कहा गया कि यह मुद्दा किसी एक राजनीतिक दल तक सीमित नहीं है, बल्कि नागरिकों के मताधिकार और चुनावी व्यवस्था में जनता के विश्वास से जुड़ा है।
मतदाता सूची में पारदर्शिता की मांग
लागुरी ने कहा कि मतदाता सूची और चुनाव प्रक्रिया से जुड़े मामलों में अधिकतम पारदर्शिता और जवाबदेही जरूरी है। उन्होंने कहा कि किसी पात्र नागरिक का नाम गलत तरीके से मतदाता सूची से नहीं हटना चाहिए और किसी अपात्र व्यक्ति का नाम भी सूची में शामिल नहीं होना चाहिए।
उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में मतदाता के मताधिकार की सुरक्षा प्राथमिकता होनी चाहिए।
चुनाव आयोग के स्पष्टीकरण का भी उल्लेख
झामुमो जिला प्रवक्ता ने कहा कि चुनाव आयोग ने संबंधित रिपोर्टों पर यह स्पष्ट किया है कि आयोग के अंतिम निर्णय सर्वसम्मति से लिए गए और आंतरिक विचार-विमर्श के दौरान अलग-अलग मत होना संस्थागत प्रक्रिया का हिस्सा है।
इसके बावजूद झामुमो का कहना है कि मतदाता सूची से जुड़े किसी भी विवाद का समाधान पारदर्शी तरीके से किया जाना चाहिए।
कार्यकर्ताओं से कार्यक्रम में पहुंचने की अपील
झामुमो जिला समिति ने जिले के सभी सांसदों, मंत्रियों, विधायकों, केंद्रीय समिति के सदस्यों, जिला समिति के पदाधिकारियों एवं सदस्यों, विभिन्न वर्ग संगठनों के अध्यक्ष-सचिव व पदाधिकारियों, प्रखंड एवं नगर समितियों के अध्यक्ष-सचिव तथा कार्यकर्ताओं से 28 सितंबर को निर्धारित समय पर पोस्ट ऑफिस चौक पहुंचने की अपील की है।
लागुरी ने कहा कि पार्टी के अनुसार लोकतंत्र केवल चुनाव कराने से मजबूत नहीं होता, बल्कि चुनाव प्रक्रिया में जनता का विश्वास कायम रहने से भी मजबूत होता है।
नोट: चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली, आंतरिक आपत्तियों और संबंधित रिपोर्ट को लेकर ऊपर दिए गए दावे झामुमो जिला प्रवक्ता द्वारा जारी बयान में कही गई बातों के आधार पर प्रस्तुत किए गए हैं। आयोग की ओर से बताए गए स्पष्टीकरण को भी समाचार में शामिल किया गया है।




