तुईबीर पंचायत भवन में विधिक जागरूकता शिविर, कानूनी अधिकारों और साइबर अपराध से बचाव की दी गई जानकारी

चाईबासा: झारखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकार, रांची के निर्देश पर जिला विधिक सेवा प्राधिकार (डालसा), पश्चिमी सिंहभूम एवं स्थायी लोक अदालत के संयुक्त तत्वावधान में गुरुवार को तुईबीर पंचायत भवन में विधिक जागरूकता शिविर आयोजित किया गया।

यह कार्यक्रम प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह जिला विधिक सेवा प्राधिकार के अध्यक्ष मोहम्मद शाकिर तथा जिला विधिक सेवा प्राधिकार के सचिव रवि चौधरी के मार्गदर्शन में संपन्न हुआ। शिविर में पीएलवी हेमराज निषाद, रत्ना चक्रवर्ती, स्थायी लोक अदालत की सदस्य सुभद्रा बेहरा और पेशकार शशि सिन्हा ने ग्रामीणों को कानूनी अधिकारों, सरकारी योजनाओं एवं न्यायिक सेवाओं की जानकारी दी।
शिविर में बताया गया कि चाईबासा व्यवहार न्यायालय परिसर में संचालित स्थायी लोक अदालत में बिजली, पानी, सड़क, ट्रांसफार्मर सहित अन्य सार्वजनिक सेवाओं से जुड़े मामलों का निःशुल्क समाधान साधारण आवेदन के माध्यम से कराया जा सकता है।
कार्यक्रम के दौरान बाल विवाह और डायन प्रथा जैसी सामाजिक कुरीतियों पर भी विस्तार से चर्चा की गई। लोगों को बताया गया कि बाल विवाह कानूनन अपराध है। लड़कियों की शादी की न्यूनतम आयु 18 वर्ष तथा लड़कों की 21 वर्ष निर्धारित है। कम उम्र में विवाह से स्वास्थ्य, शिक्षा और भविष्य पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है। वहीं डायन प्रथा को अंधविश्वास बताते हुए इसके खिलाफ सामाजिक जागरूकता बढ़ाने की आवश्यकता पर जोर दिया गया।
ग्रामीणों को साइबर अपराध से बचाव के उपाय भी बताए गए। उन्हें सलाह दी गई कि किसी भी अनजान व्यक्ति के साथ ओटीपी साझा न करें, संदिग्ध लिंक पर क्लिक न करें और किसी भी प्रकार के लालच में न आएं। साइबर ठगी की स्थिति में तुरंत हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज कराने की जानकारी दी गई। साथ ही पुलिस हेल्पलाइन 100, चाइल्ड हेल्पलाइन 1098, एंबुलेंस 108 और अग्निशमन सेवा 101 के बारे में भी जागरूक किया गया।
शिविर में बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने भाग लिया और अपने कानूनी अधिकारों तथा सरकारी सेवाओं से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी प्राप्त की।




