Welcome to Kolhan Samachar Live   Click to listen highlighted text! Welcome to Kolhan Samachar Live
Jamshedpurझारखंड

Jamshedpur : ईएसआईसी में कथित भ्रष्टाचार के खिलाफ व्यापारी व सामाजिक संगठनों की हुंकार, निष्पक्ष जांच की उठी मांग

जनहित में संयुक्त संघर्ष के तहत आयोजित प्रेस वार्ता में कई गंभीर आरोपों का किया गया उल्लेख

  • कई संवैधानिक संस्थाओं और विभागों में दर्ज कराई गईं शिकायतें
  • भास्कर कुमार ने आरोपों को बताया निराधार, प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने का लगाया आरोप
  • स्थानांतरण, कथित दबाव और प्रशासनिक प्रताड़ना के आरोप भी उठे
  • भ्रष्टाचार मुक्त व्यवस्था और शिकायतकर्ताओं की सुरक्षा की मांग
  • भ्रष्टाचार मुक्त व्यवस्था और पारदर्शिता की मांग पर एकजुट हुए व्यापारी

जमशेदपुर : होटल गंगा रीजेंसी में बिजनेस समुदाय, सामाजिक कार्यकर्ताओं एवं ब्रजवंदना फाउंडेशन के संयुक्त तत्वावधान में एक महत्वपूर्ण प्रेस वार्ता आयोजित की गई। प्रेस वार्ता का उद्देश्य ईएसआईसी (कर्मचारी राज्य बीमा निगम) से जुड़े विभिन्न प्रतिष्ठानों, नियोक्ताओं, श्रमिकों एवं लाभार्थियों द्वारा कथित रूप से झेली जा रही समस्याओं और शिकायतों को सार्वजनिक मंच पर रखना था। कार्यक्रम में उपस्थित प्रतिनिधियों ने आरोप लगाया कि ईएसआईसी गोलमुरी शाखा के पूर्व शाखा प्रबंधक सचित कुमार एवं सोशल सिक्योरिटी ऑफिसर रवि शंकर द्वारा पद का दुरुपयोग करते हुए रिश्वत, अवैध धन उगाही, सर्वे के नाम पर धन की मांग, मेडिकल बिलों के भुगतान, परिवार विवरण अपडेट, ईएसआईसी कवरेज तथा अन्य प्रशासनिक कार्यों के बदले धन मांगने जैसी गतिविधियां की गईं। वक्ताओं ने कहा कि इन मामलों को लेकर लंबे समय से विभिन्न स्तरों पर शिकायतें की जा रही हैं और अब इस मुद्दे को जनहित से जोड़कर व्यापक स्तर पर उठाया जा रहा है।

इसे भी पढ़ें : Potka : हाता चौक पर रंभा कॉलेज का सड़क सुरक्षा जागरूकता अभियान, राहगीरों को दिया सुरक्षित यातायात का संदेश

ईएसआईसी अधिकारियों पर लगे आरोपों को लेकर बढ़ी चर्चा

प्रेस वार्ता में बताया गया कि वर्ष 2025 से जुलाई 2026 के बीच इन कथित मामलों को लेकर ईएसआईसी मुख्यालय, महानिदेशक ईएसआईसी, क्षेत्रीय निदेशक, केंद्रीय सतर्कता आयोग, प्रधानमंत्री कार्यालय, राष्ट्रपति सचिवालय, राज्यपाल झारखंड, लोकपाल, लोकायुक्त, राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग, राष्ट्रीय महिला आयोग, श्रम एवं रोजगार मंत्रालय, मुख्य सचिव झारखंड, उपायुक्त पूर्वी सिंहभूम, सीबीआई, राज्य सतर्कता विभाग तथा जन शिकायत प्रकोष्ठ सहित कई सक्षम संस्थाओं के समक्ष शिकायतें दर्ज कराई गई हैं। शिकायतकर्ताओं का दावा है कि कई स्तरों पर शिकायतों का संज्ञान लिया गया और विधिसम्मत जांच का आश्वासन भी प्राप्त हुआ है। प्रेस वार्ता में विभिन्न प्रतिष्ठानों और व्यवसायिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने अपने अनुभव साझा करते हुए कथित प्रशासनिक उत्पीड़न और अवैध मांगों का उल्लेख किया। कार्यक्रम में ऑटो प्रोफाइल लिमिटेड, मोहिंदर पेट्रोलियम, होटल करनैल रेस्टोरेंट, शू बाजार, नारायण एंटरप्राइज, वी एंटरप्राइजेज, ऑटोटेक प्लस सहित कई प्रतिष्ठानों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।

इसे भी पढ़ें : Gua : बड़ाजामदा में 6 वर्षीय नाबालिग के साथ दुष्कर्म के प्रयास का आरोपी गिरफ्तार, भेजा जेल

विभिन्न संस्थाओं में दर्ज शिकायतों पर कार्रवाई की मांग तेज

ब्रजवंदना फाउंडेशन के अध्यक्ष भास्कर कुमार ने प्रेस वार्ता में कहा कि उनके और उनके परिवार के विरुद्ध लगाए गए आरोप पूरी तरह निराधार, तथ्यहीन और दुर्भावनापूर्ण हैं। उन्होंने कहा कि उनके परिवार अथवा प्रतिष्ठानों द्वारा ईएसआईसी का कोई लाभ नियमों के विरुद्ध प्राप्त नहीं किया गया है। उनके अनुसार उनके पिता को प्राप्त लाभ वैधानिक मेडिकल बोर्ड और सक्षम प्राधिकारी की स्वीकृति के बाद मिला तथा कर्मचारियों से संबंधित सभी दावे निर्धारित प्रक्रिया के तहत स्वीकृत हुए हैं। भास्कर कुमार ने आरोप लगाया कि उनके विरुद्ध प्रकाशित कुछ समाचार उनकी सामाजिक और व्यावसायिक छवि को नुकसान पहुंचाने तथा भ्रष्टाचार के खिलाफ उठाई जा रही आवाज को दबाने के उद्देश्य से प्रसारित किए गए। उन्होंने कहा कि इससे उनके परिवार को मानसिक और सामाजिक क्षति पहुंची है। उन्होंने यह भी मांग की कि यदि किसी अधिकारी के खिलाफ शिकायतों के बाद विभागीय कार्रवाई प्रारंभ हुई है, तो उससे जुड़े सभी तथ्यों की स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच कराई जानी चाहिए।

इसे भी पढ़ें : Jamshedpur : मानगो-उलीडीह में एक रात में नौ दुकानों में चोरी, व्यापारियों में दहशत; जदयू ने सौंपा ज्ञापन

भास्कर कुमार ने निष्पक्ष जांच और तथ्यात्मक समीक्षा की मांग की

प्रेस वार्ता के दौरान कुछ शिकायतकर्ताओं ने दावा किया कि ईएसआईसी गोलमुरी शाखा के पूर्व शाखा प्रबंधक सचित कुमार अपने स्थानांतरण को रुकवाने के लिए विभिन्न स्तरों पर प्रयास कर रहे हैं। शिकायतकर्ताओं ने आरोप लगाया कि इस संबंध में अनुचित प्रभाव के इस्तेमाल की चर्चाएं भी सामने आई हैं, जिसकी स्वतंत्र जांच कराई जानी चाहिए। वहीं भास्कर कुमार ने पूर्व श्रम अधीक्षक सत्येन्द्र कुमार सिंह पर भी लंबे समय तक प्रशासनिक प्रताड़ना का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि उनके खिलाफ सीतारामडेरा थाना में दर्ज कराई गई शिकायत तथ्यहीन थी और उपलब्ध तथ्यों के सत्यापन के बाद उचित कार्रवाई की गई। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ अधिकारियों द्वारा उनके ईएसआईसी अभिलेखों की जानकारी का कथित दुरुपयोग किया गया। साथ ही उन्होंने केंद्रीय सिविल सेवा (आचरण) नियमों के संभावित उल्लंघन के मामलों की भी जांच की मांग उठाई।

इसे भी पढ़ें : Chaibasa : होमलेस वर्ल्ड कप की राह पर झारखंड के पांच फुटबॉलर, नागपुर ट्रायल के लिए रवाना

कथित प्रशासनिक प्रताड़ना और स्थानांतरण विवाद पर भी उठे सवाल

प्रेस वार्ता में उपस्थित व्यापारी, सामाजिक कार्यकर्ता और विभिन्न प्रतिष्ठानों के प्रतिनिधियों ने एक स्वर में कहा कि यह किसी व्यक्ति विशेष के खिलाफ अभियान नहीं, बल्कि भ्रष्टाचार के विरुद्ध जनहित की लड़ाई है। उन्होंने मांग की कि सभी शिकायतों की स्वतंत्र, निष्पक्ष और समयबद्ध जांच कराई जाए। यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कठोर विभागीय और कानूनी कार्रवाई की जाए। साथ ही शिकायतकर्ताओं और गवाहों को किसी भी प्रकार के प्रतिशोध से सुरक्षा प्रदान की जाए। वक्ताओं ने कहा कि ईएसआईसी में पारदर्शी और भ्रष्टाचार मुक्त व्यवस्था सुनिश्चित होनी चाहिए, ताकि श्रमिकों, नियोक्ताओं और बीमित व्यक्तियों को बिना किसी अवैध मांग के समयबद्ध सेवाएं मिल सकें। कार्यक्रम में सरयू राय के विधायक प्रतिनिधि नीरज सिंह सहित कई सामाजिक कार्यकर्ता और व्यापारी प्रतिनिधि उपस्थित रहे। सभी ने लोकतांत्रिक और संवैधानिक तरीके से जनहित की इस लड़ाई को आगे बढ़ाने का संकल्प व्यक्त किया।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
error: Content is protected !!
Click to listen highlighted text!