Ranchi/Jamshedpur : 700 करोड़ का पानी उद्योगों को, किसान प्यासे! चांडिल नहर की बदहाली पर सरयू राय का सरकार पर हमला
30 वर्षों से मरम्मत नहीं होने का आरोप, किसानों के हितों की उपेक्षा का उठाया मुद्दा

- उद्योगों से राजस्व वसूली पर सरकार को घेरा, किसानों के साथ अन्याय का आरोप
- कमजोर मानसून की आशंका के बीच नहर मरम्मत के लिए विशेष बजट की मांग
- खरीफ सीजन से पहले नहरों की मरम्मत को लेकर बढ़ी मांग
रांची/जमशेदपुर : जमशेदपुर पश्चिम के विधायक सरयू राय ने स्वर्णरेखा बहुउद्देशीय परियोजना की चांडिल बाँयी मुख्य नहर और उसकी वितरण प्रणाली की जर्जर स्थिति को लेकर झारखंड सरकार पर तीखा निशाना साधा है। उन्होंने जल संसाधन विभाग के सचिव को पत्र लिखकर आरोप लगाया कि उद्योगों से भारी राजस्व प्राप्त करने के बावजूद सरकार किसानों की सिंचाई संबंधी समस्याओं के समाधान के प्रति गंभीर नहीं है। सरयू राय ने कहा कि लगभग 128 किलोमीटर लंबी चांडिल बाँयी मुख्य नहर का निर्माण करीब 30 वर्ष पहले हुआ था, लेकिन इसके बाद नहर और उसकी वितरणियों की समुचित मरम्मत एवं सम्पोषण नहीं कराया गया। उन्होंने कहा कि समय के साथ नहर की स्थिति लगातार खराब होती गई, जिससे इसकी सिंचाई क्षमता प्रभावित हुई है और हजारों किसान इसका खामियाजा भुगत रहे हैं। उनके अनुसार नहर के अधिकांश हिस्सों में झाड़ियां उग आई हैं, भारी मात्रा में गाद जमा हो गई है और कई स्थानों पर तटबंध भी क्षतिग्रस्त हो चुके हैं।
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चांडिल नहर की जर्जर स्थिति से प्रभावित हो रही सिंचाई व्यवस्था
सरयू राय ने सरकार पर आरोप लगाया कि स्वर्णरेखा परियोजना का पानी उद्योगों को उपलब्ध कराकर करोड़ों रुपये का राजस्व अर्जित किया जा रहा है, लेकिन किसानों को पर्याप्त सिंचाई सुविधा नहीं मिल पा रही है। उन्होंने दावा किया कि केवल टाटा स्टील से ही सरकार को प्रतिवर्ष 700 करोड़ रुपये से अधिक की आय होती है। इसके बावजूद नहरों की मरम्मत और सिंचाई व्यवस्था को मजबूत करने के लिए आवश्यक कदम नहीं उठाए जा रहे हैं। उन्होंने इसे किसानों के साथ अन्याय बताते हुए कहा कि कृषि आधारित क्षेत्रों में सिंचाई व्यवस्था मजबूत करना सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारी होनी चाहिए। विधायक ने कहा कि यदि उद्योगों से प्राप्त राजस्व का उपयोग किसानों की बुनियादी जरूरतों को पूरा करने में नहीं किया जा रहा है, तो यह सरकार की प्राथमिकताओं पर गंभीर सवाल खड़ा करता है।
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उद्योगों से आय के बावजूद किसानों को नहीं मिल रही पर्याप्त सिंचाई सुविधा
विधायक सरयू राय ने अपने पत्र में कहा कि मौसम विभाग द्वारा इस वर्ष सामान्य से कमजोर मानसून की संभावना जताई गई है। ऐसी स्थिति में किसानों की निर्भरता सिंचाई परियोजनाओं पर और अधिक बढ़ जाएगी। उन्होंने सरकार से मांग की कि वित्तीय वर्ष 2026-27 में चांडिल बाँयी मुख्य नहर की पूरी 128 किलोमीटर लंबाई और उसकी वितरण प्रणाली की मरम्मत एवं सम्पोषण के लिए विशेष बजटीय प्रावधान किया जाए। उन्होंने कहा कि तत्काल मरम्मत कार्य शुरू कर खरीफ और रबी दोनों मौसमों में किसानों को निर्बाध सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराई जानी चाहिए। सरयू राय ने चेतावनी दी कि यदि समय रहते नहरों की स्थिति नहीं सुधारी गई तो इसका सीधा असर कृषि उत्पादन और किसानों की आजीविका पर पड़ेगा। उन्होंने सरकार से किसानों के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता देने की अपील की।




